Wednesday, June 18, 2025

कबीर दास जीवन दूसरों की बुराइयां देखने में लगा दया लेकिन जब मैंने खुद अपने मन के अंदर में झाँक कर देखा तो पाया कि मुझसे बुरा कोई इंसान नहीं है दुनिया में

  कबीर दस जी कहते है। कि मैं सारा जीवन दूसरों की बुराइयां देखने में लगा दया। लेकिन जब मैंने खुद अपने मन के अंदर में झाँक कर देखा तो पाया कि मुझसे बुरा कोई इंसान नहीं है दुनिया में। मैं ही सबसे स्वार्थी और बुरा हूँ। हम लोग दूसरों की बुराइयां बहुत देखते हैं। लेकिन अगर हम खुद के मन के अंदर झाँक कर देखेंगे तो पाएंगे कि हमसे बुरा कोई इंसान इस दुनिया में नहीं है।

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.

Post

महाशिवरात्रि व्रत पूजा का महत्व तिथि, विधि और आध्यात्मिक लाभ

प्रस्तावना महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक पर्व है जो भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित है। यह पर्व फाल्गुन मास ...