Activated
Sludge Process (ASP) : सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की प्रमुख जैविक उपचार प्रणाली
सीवेज
ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में गंदे पानी को शुद्ध करने के लिए कई वैज्ञानिक प्रक्रियाएँ
अपनाई जाती हैं। इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य पानी में मौजूद ठोस पदार्थों, जैविक गंदगी,
रासायनिक तत्वों और सूक्ष्म जीवों को हटाकर पानी को सुरक्षित और उपयोग योग्य बनाना
होता है। इन्हीं महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में से एक है Activated Sludge Process
(ASP)। यह एक अत्यंत प्रभावी जैविक उपचार प्रणाली है जिसका उपयोग विश्व भर में सीवेज
ट्रीटमेंट प्लांट में किया जाता है। इस प्रक्रिया में सूक्ष्म जीवों अर्थात् बैक्टीरिया
की सहायता से गंदे पानी में मौजूद जैविक पदार्थों को विघटित किया जाता है और पानी को
स्वच्छ बनाया जाता है।
Activated
Sludge Process का मूल सिद्धांत यह है कि गंदे पानी में मौजूद कार्बनिक पदार्थों को
सूक्ष्म जीवों द्वारा भोजन के रूप में उपयोग किया जाए। जब ये सूक्ष्म जीव इन पदार्थों
को ग्रहण करते हैं, तो वे उन्हें सरल और कम हानिकारक यौगिकों में परिवर्तित कर देते
हैं। इस प्रक्रिया के दौरान बैक्टीरिया की संख्या बढ़ती है और वे छोटे-छोटे समूहों
का निर्माण करते हैं जिन्हें स्लज फ्लॉक कहा जाता है। यही फ्लॉक आगे चलकर पानी से अलग
कर दिए जाते हैं और साफ पानी प्राप्त होता है।
Activated
Sludge Process में “Activated Sludge” शब्द का अर्थ है सक्रिय कीचड़ या सक्रिय सूक्ष्म
जीवों का समूह। यह वास्तव में बैक्टीरिया, प्रोटोजोआ और अन्य सूक्ष्म जीवों का मिश्रण
होता है जो जैविक पदार्थों को विघटित करने में सक्षम होते हैं। जब इस सक्रिय स्लज को
गंदे पानी के साथ मिलाया जाता है और उसमें ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है, तो सूक्ष्म
जीव तेजी से जैविक प्रदूषकों को नष्ट करने लगते हैं।
इस
प्रक्रिया में मुख्य रूप से तीन प्रमुख इकाइयाँ होती हैं—एरेशन टैंक, सेकेंडरी क्लैरिफायर
और स्लज रीसर्कुलेशन प्रणाली। सबसे पहले गंदा पानी एरेशन टैंक में प्रवेश करता है जहाँ
सक्रिय स्लज के साथ उसका मिश्रण किया जाता है। इस टैंक में लगातार हवा या ऑक्सीजन प्रवाहित
की जाती है ताकि सूक्ष्म जीव सक्रिय रहें और जैविक पदार्थों को तेजी से विघटित कर सकें।
एरेशन टैंक में होने वाली यह प्रक्रिया गंदे पानी के उपचार का मुख्य भाग होती है।
एरेशन
टैंक में जब हवा के छोटे-छोटे बुलबुले पानी में मिलते हैं, तो पानी में घुली ऑक्सीजन
की मात्रा बढ़ जाती है। यह ऑक्सीजन सूक्ष्म जीवों के लिए आवश्यक होती है क्योंकि वे
एरोबिक बैक्टीरिया होते हैं जिन्हें जीवित रहने और कार्य करने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता
होती है। जब पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध होती है, तो बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और
पानी में मौजूद कार्बनिक पदार्थों को विघटित करते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान कार्बनिक
पदार्थ कार्बन डाइऑक्साइड, पानी और नई सूक्ष्म जीव कोशिकाओं में बदल जाते हैं।
एरेशन
प्रक्रिया के बाद पानी और स्लज का मिश्रण सेकेंडरी क्लैरिफायर में भेजा जाता है। यहाँ
गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से स्लज नीचे बैठ जाता है और ऊपर साफ पानी रह जाता है। इस
साफ पानी को आगे की प्रक्रियाओं जैसे फिल्ट्रेशन और डिसइंफेक्शन के लिए भेज दिया जाता
है। नीचे जमा हुए स्लज का एक भाग पुनः एरेशन टैंक में वापस भेज दिया जाता है ताकि सूक्ष्म
जीवों की पर्याप्त मात्रा बनी रहे। इस प्रक्रिया को Return Activated Sludge (RAS)
कहा जाता है।
Return
Activated Sludge प्रणाली Activated Sludge Process का एक महत्वपूर्ण भाग है। यदि स्लज
को वापस एरेशन टैंक में न भेजा जाए, तो वहाँ सूक्ष्म जीवों की संख्या कम हो सकती है
और जैविक उपचार प्रक्रिया प्रभावी नहीं रह जाएगी। इसलिए स्लज का एक निश्चित भाग लगातार
वापस भेजा जाता है ताकि सूक्ष्म जीवों की गतिविधि स्थिर बनी रहे। इसके अतिरिक्त जो
अतिरिक्त स्लज बचता है उसे Waste Activated Sludge (WAS) कहा जाता है और उसे अलग उपचार
इकाइयों में भेज दिया जाता है।
Activated
Sludge Process का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह पानी में मौजूद जैविक प्रदूषण को बहुत
प्रभावी ढंग से कम करता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से पानी में मौजूद Biochemical
Oxygen Demand (BOD) और Chemical Oxygen Demand (COD) को काफी हद तक कम किया जा सकता
है। BOD और COD ऐसे मानक हैं जो पानी में मौजूद जैविक और रासायनिक प्रदूषण की मात्रा
को दर्शाते हैं। जब इन मानकों में कमी आती है, तो इसका अर्थ है कि पानी अधिक स्वच्छ
और सुरक्षित हो गया है।
Activated
Sludge Process की प्रभावशीलता कई कारकों पर निर्भर करती है। इनमें ऑक्सीजन की उपलब्धता,
तापमान, पीएच स्तर, पोषक तत्वों की मात्रा और सूक्ष्म जीवों की संख्या प्रमुख हैं।
यदि इन कारकों में संतुलन बना रहे, तो यह प्रक्रिया अत्यंत प्रभावी ढंग से कार्य करती
है। इसलिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में इन सभी कारकों की नियमित निगरानी की जाती है।
इस
प्रक्रिया का पर्यावरणीय महत्व भी अत्यंत अधिक है। यदि गंदे पानी को बिना उपचार के
सीधे नदियों या झीलों में छोड़ दिया जाए, तो उसमें मौजूद जैविक पदार्थ पानी में घुली
ऑक्सीजन को कम कर सकते हैं और जलीय जीवों के जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
Activated Sludge Process इन जैविक पदार्थों को पहले ही विघटित कर देता है, जिससे जल
स्रोतों में प्रदूषण कम होता है और पर्यावरण संतुलन बना रहता है।
हालाँकि
Activated Sludge Process के संचालन के लिए उचित रखरखाव और ऊर्जा की आवश्यकता होती
है। एरेशन टैंक में हवा की आपूर्ति के लिए ब्लोअर और अन्य उपकरणों का उपयोग किया जाता
है, जो ऊर्जा की खपत करते हैं। इसके अलावा स्लज प्रबंधन भी एक महत्वपूर्ण कार्य होता
है क्योंकि अतिरिक्त स्लज का उचित निपटान आवश्यक होता है।
आधुनिक
समय में Activated Sludge Process को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई उन्नत तकनीकों
का विकास किया गया है। इनमें Extended Aeration, Oxidation Ditch, Sequencing
Batch Reactor (SBR) और Membrane Bioreactor (MBR) जैसी प्रणालियाँ शामिल हैं। ये तकनीकें
पारंपरिक ASP प्रणाली को अधिक कुशल और ऊर्जा-सक्षम बनाती हैं।
समग्र
रूप से देखा जाए तो Activated Sludge Process सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की एक अत्यंत
महत्वपूर्ण जैविक उपचार प्रणाली है। यह सूक्ष्म जीवों की सहायता से गंदे पानी में मौजूद
जैविक प्रदूषकों को विघटित करती है और पानी को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका
निभाती है।
अंततः
यह कहा जा सकता है कि Activated Sludge Process आधुनिक जल प्रबंधन प्रणाली का एक अनिवार्य
हिस्सा है। यह प्राकृतिक जैविक प्रक्रियाओं का उपयोग करके गंदे पानी को शुद्ध करता
है और पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों के सतत उपयोग तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा
में महत्वपूर्ण योगदान देता है। यदि इस प्रणाली को सही ढंग से डिजाइन और संचालित किया
जाए, तो यह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और समाज को स्वच्छ
तथा सुरक्षित जल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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