Saturday, July 10, 2021

मनुष्य के जीवन में कर्म का ही महत्व होता है, कर्म से ही सब कुछ है, कर्म के बिना कुछ नहीं, जीवन के आयाम में कर्म की बड़ी उपलब्धि है, माता पिता की सेवा बड़े बुजुर्गो की सेवा समाज में मदद गरीब दुखी को सहारा देना ये सभी कर्म के माध्यम है

मनुष्य के जीवन में कर्म का ही महत्व होता है, कर्म से ही सब कुछ है, कर्म के बिना कुछ नहीं, जीवन के आयाम में कर्म की बड़ी उपलब्धि है, माता पिता की सेवा बड़े बुजुर्गो की सेवा समाज में मदद गरीब दुखी को सहारा देना  ये सभी कर्म के माध्यम है, अपना काम धाम करना स्वयं में व्यस्त रहना ये मनुष्य  का काम, ब्यापार और रोजगार है, इससे मन को संतुष्टि होती है, ऐसा होना ही चाहिए मन सकारात्मक हो कर अपने काम धंदा को करता है तो अच्छा ही है, क्योकि कर्म तो काम धंधा की उपलब्धि से ही प्राप्त होता है, जिससे ऊपर उठ कर मनुस्य कर्म करता है।  

मनुष्य  एक बार सोच ले की हमें कर्म करना है कुछ अच्छा करना ही तो सहारा होगा, दिन दुखी की मदद करने ने तृस्ना मिटटी है जिससे मनुष्य का मन शांत रहता है, समाज में मदद करने से आयाम बढ़ता है  जैसे समाज में कुछ बुरा हो रहा हो, कोई एक वर्ग दूसरे वर्ग की अवहेलना कर रहा हो तो वह उनको ज्ञान के माध्यम से जागरूक कर के सभी वर्ग को एक सामान समझना और लोगो को प्रेरित करना ताकि सब एक जैसे एक सामान बने रहे, बड़े बुजुर्गो की सेवा बड़ा ही सुफल कर्म होता है  जिनकी यात्रा समाप्त होने वाला होता है, उनको सहारा देने से मन को अद्भुत शांति और ख़ुशी का एहसास होता है, यदि सक्षम हो तो उन बच्चो की भी सहारा दिया जाए जिनके कोई नहीं होते है जो अनाथ होते है, उनको सहारा देने से उपलब्धि प्राप्त होता है  समाज में नाम होता है, ये सब जो काम निस्वार्थ भाव से किया जाता है  उसे ही कर्म कहते है। 

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