Friday, January 7, 2022

अंजान बाबा के बृक्ष पर रविवार और मंगलवार को रात को १२ बजे से भीड़ लगने सुरू हो जाते है जो सुबह तक लोग बृक्ष के पत्ते के दूध लेने के लिए आते है

अंजान बाबा और अनजान बाबा बृक्ष का रहस्य

 

अंजान बाबा का बृक्ष कानपुर के दौलतपुर और गोपाल पुर के बच स्तिथ अंजान बाबा का पेड़ आज कल बेहद चर्चा में है.

 

कुछ समय पहले राउतपुर के रहने वाली दो विकलांग लड़की में से एक ने कुछ सपना देखा तब उन्होंने अपने पिता जी को बुलाकर रात में ही पेड़ के पास आये और पत्ते के दूध का उपयोग किया जिससे एक सप्ताह में उनका विकलांगता दूर हो गया, तब उस परिवार ने आकर वहा पूजा अर्चन किये और झंडा लगा दिए.

 

अभी तक इस बात का पता नहीं चला है की ये बृक्ष कौन सा है. काफी जाच पड़ताल के बाद भी अभी तक बृक्ष का रहस्य बरक़रार है. दिन में बृक्ष के पत्ते से कम दूध निकलते है और रात में ज्यादा दूध निकलते है.

 

अंजान बाबा के बृक्ष पर रविवार और मंगलवार को रात को १२ बजे से भीड़ लगने सुरू हो जाते है जो सुबह तक लोग बृक्ष के पत्ते के दूध लेने के लिए आते है. दूध से सभी प्रकार के चार्म रोग, कुष्ट रोग और सफ़ेद दाग आदि एक सप्ताह में ठीक हो जाते है.

 

अंजान बाबा का रहस्य ये है की बहूत दिन पहले कोई बाबा इस बृक्ष के पास आये थे. काफी दिन तक इस बृक्ष के निचे रहे और बाद में वह से गायब हो गए फिर दोबारा किसी को नहीं मिले. अंजान बाबा बारे में कोई कुछ नहीं जनता है.

 

ये बात कहाँ तक सत्य है कह नहीं सकते है लोगो से सुना गया है अन्धविश्वास भी हो सकता है.

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