क्या प्रतियोगी परीक्षाएं आपके ज्ञान (Knowledge) की परीक्षा लेती हैं?
प्रतियोगी परीक्षाएं अपने ज्ञान की परीक्षा लेती हैं। ये बात सच है। ज्ञान हासिल हम स्कूल और कॉलेज से करते है। स्कूल और कॉलेज के ज्ञान हमें दुसरे ज्ञान को हासिल करने के लिए मदद करता है। स्कूल और कॉलेज से ज्ञान हासिल करके हम दुसरे ज्ञान किस माध्यम से प्राप्त करते है। इस बात पर आधारित होता है। हम ज्ञान के प्रति कितने जागरूक है। कोई भी ज्ञान दुसरे ज्ञान को हासिल करने का माध्यम बनता है। जैसे रोज अख़बार पढना, पत्रिका पढना, किताब पढना, समाज में हो रहे क्रिया कलाप से क्या ज्ञान हासिल करते है। टीवी देखने से हम किस बात को ग्रहण करते है। टीवी सबसे बड़ा ज्ञान का माध्यम हो सकता है। उसमे सबकुछ सम्मिलित होता है। अब ये स्वयं को समझना होता है। हमारा मन टीवी से क्या सिख रहा है। ज्ञान इस बात पर आधारित होता है। टीवी में देश दुनिया के सब खबर समाचार के माध्यम से मिलते है। कार्यक्रम के माध्यम से बहूत ज्ञान मिलते है। टीबी के नाटक ज्ञान का माध्यम है की नहीं ये स्वयं समझ सकते है। टीवी नाटक बहुमुखी प्रतिभा का झलक है। जीवन का सबसे बड़ा ज्ञान टीवी नाटक में भी है। प्रेरणात्मक ज्ञान टीवी नाटक में बहूत है। बात ये है की हम ज्ञान कहा कहा से हासिल करते है। यदि प्रतियोगी परीक्षाएं के पत्र या कुंजी में देखेंगे तो पता चलेगा की ये सब के सब सामान्य ज्ञान पर आधारित है। जो दैनिक जीवन में समाज में या देश में होता है। देश दुनिया के भूत और वर्त्तमान के ज्ञान पर प्रतियोगी परीक्षाएं के प्रश्न पत्र होते है। इसलिए देश दुनिया के भूत और वर्त्तमान के खबरों से हम क्या क्या ज्ञान हासिल करते है? साथ में गणित हमारा कितना मजबूत है? जो हम स्कूल कॉलेज में सीखते है। हम अपने ज्ञान से गणित को कैसे समझते है। कितने कम समय में उत्तर देते है। सामान्य ज्ञान के प्रश्न के उत्तर को हम कितने समय में उत्तर देते है। ये सब हमारे अपने ज्ञान पर आधारित होता है। इसलिए प्रतियोगी परीक्षाएं अपने ज्ञान की भी परीक्षा लेता हैं।
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