अंजान बाबा और अनजान बाबा बृक्ष का रहस्य
अंजान बाबा का बृक्ष कानपुर के दौलतपुर और गोपाल पुर के बच स्तिथ अंजान बाबा का पेड़ आज कल बेहद चर्चा में है.
कुछ समय पहले राउतपुर के रहने वाली दो विकलांग लड़की में से एक ने कुछ सपना देखा तब उन्होंने अपने पिता जी को बुलाकर रात में ही पेड़ के पास आये और पत्ते के दूध का उपयोग किया जिससे एक सप्ताह में उनका विकलांगता दूर हो गया, तब उस परिवार ने आकर वहा पूजा अर्चन किये और झंडा लगा दिए.
अभी तक इस बात का पता नहीं चला है की ये बृक्ष कौन सा है. काफी जाच पड़ताल के बाद भी अभी तक बृक्ष का रहस्य बरक़रार है. दिन में बृक्ष के पत्ते से कम दूध निकलते है और रात में ज्यादा दूध निकलते है.
अंजान बाबा के बृक्ष पर रविवार और मंगलवार को रात को १२ बजे से भीड़ लगने सुरू हो जाते है जो सुबह तक लोग बृक्ष के पत्ते के दूध लेने के लिए आते है. दूध से सभी प्रकार के चार्म रोग, कुष्ट रोग और सफ़ेद दाग आदि एक सप्ताह में ठीक हो जाते है.
अंजान बाबा का रहस्य ये है की बहूत दिन पहले कोई बाबा इस बृक्ष के पास आये थे. काफी दिन तक इस बृक्ष के निचे रहे और बाद में वह से गायब हो गए फिर दोबारा किसी को नहीं मिले. अंजान बाबा बारे में कोई कुछ नहीं जनता है.
ये बात कहाँ तक सत्य है कह नहीं सकते है लोगो से सुना गया है अन्धविश्वास भी हो सकता है.
No comments:
Post a Comment
Note: Only a member of this blog may post a comment.