Friday, June 20, 2025

जीवन क्यों दुखी रहता है।

परमात्मा दिया हुआ मानव जीवन सुख दुख से घिरा रहता है मानव जीवन में सुख दुख दोनों बारी बारी आता है। परमात्मा ने मनुष्य को अंतहीन दुख और बेपनाह खुशिया भी प्रदान किया है जिससे दुख का ज्ञान लेकर मनुष्य मजबूत और साहसी होता है अपितु सुख मनुष्य को आंतरिक दृष्टि से कमजोर भी करता है। खुशियों से मन बेलगाम घोड़ा हो जाता है सही गलत का ज्ञान उसके भौतिक खुशी के करण दिखाता नहीं है जब की परमात्मा का दिया हुआ मानव जीवन आत्म के ज्ञान के लिए होता है। दुख मनुष्य को शोध और संघर्ष के तरफ बढ़ावा देता है। जिससे वो उत्कर्ष हो कर भले भौतिक खुशी प्राप्त नहीं करता पर आत्मिक खुशी जरूर प्राप्त करता है।
...

Post

परिचय जिज्ञासा शोध कार्य क्षमता तर्क

दुर्गा पंडित — परिचय दुर्गा पंडित एक मेहनती, रचनात्मक और व्यावहारिक सोच रखने वाले व्यक्ति हैं। उन्हें निर्माण कार्य, स्टील स्ट्रक्चर, आर्किट...