Monday, August 9, 2021

कबीर दास जीवन दूसरों की बुराइयां देखने में लगा दया लेकिन जब मैंने खुद अपने मन के अंदर में झाँक कर देखा तो पाया कि मुझसे बुरा कोई इंसान नहीं है दुनिया में

कबीर दस जी कहते है। कि मैं सारा जीवन दूसरों की बुराइयां देखने में लगा दया। लेकिन जब मैंने खुद अपने मन के अंदर में झाँक कर देखा तो पाया कि मुझसे बुरा कोई इंसान नहीं है दुनिया में। मैं ही सबसे स्वार्थी और बुरा हूँ। हम लोग दूसरों की बुराइयां बहुत देखते हैं। लेकिन अगर हम खुद के मन के अंदर झाँक कर देखेंगे तो पाएंगे कि हमसे बुरा कोई इंसान इस दुनिया में नहीं है।

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.

Post

जीवन की सादगी: सादा जीवन और उच्च विचार का महत्व | हिंदी गद्य

 जीवन की सादगी जीवन की सादगी मनुष्य के व्यक्तित्व का वह सुंदर गुण है, जो उसे आडंबर, दिखावे और अनावश्यक इच्छाओं से दूर रखता है। सादा जीवन केव...